Saudi Arabia में पानी कहाँ से आता है

Saudi Arabia में पानी कहाँ से आता है 

सऊदी अरबिया थे लैंड ऑफ़ डेजर्ट शेक्स एंड आयल आपको अगर वर्ल्ड जियोग्राफी का थोड़ा सा भी आईडिया है तो आपको सऊदी अरबिया और इंडिया में मेजर डिफरेंस आपको जरुर दिखाई पड़ेगा और वो है पानी का हमारा भारत देश ही नदियों का देश है और हमारे देश है और हमारे देश में करीबन 50 मेजर पेरेनियल रिवर और 100-200 सीजनल रिवर से भी ज्यादा सीजनल रिवर बहती है
Saudi Arabia में पानी कहाँ से आता है
Saudi Arabia में पानी कहाँ से आता है 

वही अगर आप सऊदी अरबिया के नक्से को देखो तो आपको एक भी बहती नदी नहीं दिखेगी सऊदी अरबिया इस दुनिया का सबसे बड़ा देश है जहा कोई नदी नहीं है जो भी फ्रेश वाटर इस देश में है या तो अंडरग्राउंड है या फिर रेगिस्तान में पाए जाने वाले ओएसिस में लेकिन इस देश में ओं अन एवरेज इंसान 250 से 270 लीटर हर रोज़ इस्तेमाल करता है जो की हमारे कंसम्पशन से 2 गुना ज्यादा है 

अब सावल आता है की इस देश में इतना पानी कनसीउम करने के लिए पानी आता कहा से है सऊदी अरबिया अल्लाह का देश है यहाँ लाखों करोडो मुस्लिम्स हर साल मिक्का और मदीना में हज करने के लिए आते है और वुडू घुसल जैसी रस्मे लोग अपने पुरे शरीर को और शरीर के अंगो को 2-3 बार अच्छे से धोते है यह हाई कंसम्पशन का मैं कारण है और सिर्फ पिल्ग्रिम्स ही नहीं क्युकी कुराण के अनुसार हर इस्लाम के अनुगामी को रस्मो का पालन करना कंपल्सरी है अब जाईर सी बात है अगर आप दिन में 3 बार कूद का शुद्ध कर्णं करेंगे  

सऊदी की गर्मी के कारण होने वाले निर्जलीकरण में पानी की नदिया पी रहे है तो इतना वाटर कंसम्पशन तो निल्कुल हो गा ही मगर सोचने वाली बात है की इतना पानी यहाँ कैसे आता है सऊदी की गर्मी के कारण होने वाले निर्जलीकरण में पानी की नदिया पी रहे है तो इतना वाटर कंसम्पशन तो निल्कुल हो गा ही मगर सोचने वाली बात है की इतना पानी यहाँ कैसे आता है सऊदी अरबिया मैनली 2 सोर्सेज पर जिंदा रहता है 

एक है ग्राउंड वाटर दूसरा देसलिनेद वाटर ग्राउंड वाटर तो आपको पता ही है क्या होता है धरती के क्रस्ट के निचे कई किलोमीटर चौड़ी एक लेयर पानी की होती है वेल्स फोर्वेल्ल्स से एक्सट्रेक्ट किया जाता है और युस किया जाता है सऊदी की 90% फ्रेश वाटर सप्लाई इसी धरती पानी से होती है इसके अलावा सऊदी की ज़मीन के निचे कई अकुइफेर मौजूद है जो सायेद उस समय बने थे जो सऊदी के रेगिस्तान की जगह जहा पानी हुआ करता था इन अकुइफेर्स में 500 क्यूबिक किलोमीटर से भी ज्यादा पानी हुआ करता था 

क्युकी US की लेयर को पूरी तरह से भरने के लिए काफी है मगर अरब अपनी खेती-भाड़ी में अपने रसम रिवाजो में इस कदर बह गए और इतना पानी भी बहा दिया की इन अकुइफेर में 100 क्यूबिक किलोमीटर से भी कम पानी बचा है और आज भी जिस रेट पर पानी कांसुमे हो रहा है वज्ञानिक और जियोलॉजिस्ट अनुमान लगा रहे है अगले 10 साल में सऊदी का सारा ग्राउंड वाटर ख़तम हो जायेगा 

लेकिन अब आते दुसरे सोर्स पर जो की है डिसेलिनेशन समुद्र के पानी में से नमक निकलने की प्रोसेस है जैसी की हम जानते है की सऊदी में नदिया नहीं है लेकिन यह देश कास्ट पर है कमी है तो फ्रेश वाटर की जिस प्रॉब्लम को सोल्वे करने के लिए इन्होंने समद्र के पानी को दिसेलिनेट करके उसे करना शुरू कर दिया आज की डेट मै सऊदी अरबिया दुनिया का सबसे बड़ा दिसेलीनाइड वाटर पप्रोडूसर है और दुनिया का 22% दिसेलेनाइड वाटर यह देश प्रोदुचे करता है 

सऊदी अरबिया में हर दिन डिसेलिनेशन प्लान्स के दुआर 6.6 मिलियन क्यूबिक मीटर से भी ज्यादा पानी प्रोडीउस किया जाता है सारा पानी कहा जाता है अरबी गुसल खानों और उनके खेतो और उनके मसिदो में लेकिन इस सब के बाद भी सऊदी अरबिया की हालत इतनी ज्यादा बिगड़ चुकी है की वहा की सरकार की गेहू की खेती बन करने की नोब्बत आ गयी है डिसेलिनेशन पानी की सप्लाई बढाने का एक बहुत ही अच्छा जरुरु सलूशन हैलेकिन यह बहुत ही मेहंगा है क्युकी इसमें बहुत ही ज्यादा एनर्जी कंसियुम्ड होती है  

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