कंटेंट प्रोटेक्शन

समय यात्रा क्या है और क्या समय यात्रा में जाना संभव है

समय यात्रा क्या है और क्या समय यात्रा में जाना संभव है 


टाइम ट्रेवल के बारे में आपने कभी न कभी तो सुना ही होगा समय में यात्रा करना साइंस फ्रिक्शन माना जाता है पर सब कुछ बदल जब 1915 में आइंस्टीन ने जनरल थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी को प्रोपोसे किया इस थ्योरी के हिसाब से हर सिचुएशन में समय एक स्पीड से फ्लो नहीं होती समय अपने आप को धीरे या तेज़ कर सकता है.
टाइम का फ्लो आपकी स्पीड पर निर्भर करती है यह सब बाते रिलेटिविटी ऑफ़ थ्योरी साइनटीफिकल्ली साबित है इसका मतलब टाइम ट्रेवल पॉसिबल है अब यह कोई साइंस फ्रिक्शन नहीं रह गया है टाइम ट्रेवल 2 तरीके के होते है पहली समय को पार करके भविष्य में जाना और दूसरी समय में पीछे जाना जैसे की मैंने कहा समय आपकी स्पीड पर डिपेंडेंट होती है. 

तो समय यात्रा आपके स्पीड से पॉसिबल है इस यूनिवर्स में स्पीड लिमिट है जो की 2.99,337.984 किलोमीटर पर सेकंड मतलब आप इसे ज्यादा स्पीड में ट्रेवल नहीं कर सकते हो लव्स ऑफ़ नेचर आपको अल्लो नहीं करती मानलीजिये हमने बहुत एडवांस स्पेसशिप बनाया जो लाइट के स्पीड 99 परसेंट स्पीड पर ट्रेवल कर सकती है वो स्पेसशिप स्पीड की लिमिट को नहीं थोड सकती पर मान लीजिये स्पीड के बहुत ही करीब पुच गयी तो जानते है.

आप क्या होगा उस स्पसशिप के अंदर की स्पीड बहार की दुनिया के क्म्पेरिसन स्लो हो जायेगी मान लीजिये आप उस स्पसशिप में 1 जनवरी 2019 में बैठे और आपने 7 दिन तक ट्रेवल किया स्पेसशिप के अंदर तो सिर्फ 7 दिन पार होंगे पर आप स्पेसशिप से बहार निकलोगे आपको पता जलेगा की 100 साल पार होगये और आप बिलकुल ही अलग दुनिया देखोगे मतलब हा समय आगे जाना पॉसिबल है.

अगर आप बहुत ही तेज़ी से ट्रेवल कर सको तो जहा तक समय में पीछे जाने की बात है यह एक ही तरीके से पॉसिबल है और वो है वर्म होल, वर्म होल एक पैसेज है जो 2 जगहों और 2 अलग-अलग वक़्त को जोड़ती है आचार्यजंक बात यह है की वर्म होल हमारे बीच मोजूद है पर वो बहुत छोटे लेवल पर एक्सिस्ट करती है.

साइंटिस्ट का यह मानना है की अगर हम किसी भी वर्म होल को कैप्चर करके मेंग्निफय कर ले तो हम उसमे गुस के समय में पीछे जा सकते है आज की टेक्नोलॉजी में न उतनी रफ़्तार वाली स्पसशिप बनाना इमपॉसिबल है और नहीं ही वर्म होल को कैप्चर करने वाली मशीन बनाना पॉसिबल है पर हम यह उम्मीद कर सकते है फ्यूचर में बेहतर टेक्नोलॉजी की मदद से हम यह सब पॉसिबल कर पाए.