Gulabo Sitabo Movie Review: Amazon Prime | Amitabh Bachchan, Ayushmann Khurrana |

Gulabo Sitabo Movie Review | Amitabh Bachchan, Ayushmann Khurrana |
Gulabo Sitabo Movie Review

आपको यह फिल्म देखनी चाहिए या नहीं ये आपको इस Gulabo Sitabo Movie Review में पूरा पता चल जाएगा। इसको शुरू से लेकर आखिरी तक पूरा जरूर पढ़े Gulabo Sitabo Movie को 12 June के दिन Amazon Prime पर रिलीज़ किया गया था। काफी लोगों को समझ नहीं आ रहा की उन्हें इस मूवी को देखना चाहिए या नहीं। तो बेफिक्र हो जाइये आपको इस Review में पूरा पता चल जाएगा।



Review Of Gulabo Sitabo 

दो घंटे की ड्रामा से भरी इस मूवी को डायरेक्ट किया है Shoojit Sircar ने मूवी को लखनऊ में शूट किया गया है। कहानी मकान मालिक और किरायदार के झगडे के ऊपर आधारित है, इसमें मकान मालिक का किरदार निभाया है Amitabh Bachchan ने जिनको 'मिर्ज़ा' के नाम से जाना जाता है और Farrukh Jaffar इसमें अमिताभ बच्चन की बेगम होती है जिनकी आपस में ज्यादा बनती नहीं है। और ये एक 100 साल पुरानी हवेली में रहते है जिसका नाम 'फातिमा महल' है इनकी इस हवेली में काफी किरायदार रहते है जिनमे से एक किरायदार Ayushmann Khurrana भी होते है। 

इस फिल्म में आयुष्मान ने 'बांके' का किरदार निभाया है और ये अपने मकान मालिक यानिकि मिर्ज़ा को बेवक़ूफ़ बनाते रहते है मिर्ज़ा को समय समय पर किराया चाहिए होता है परन्तु 'बांके' उनको समय पर किराय नहीं देता। इन परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए मिर्ज़ा किरायदारों को घर से बहार निकालने की योजना बनाते है, जिसके लिए वो इस हवेली को बेचना चाहते है। 

दिलचस्प बात तो ये है की इनकी हवेली पर काफी लोगों की नजरे गड़ी हुई होती है। पुरातत्वविद् विभाग से लेकर बिल्डर और किरायदार इनकी हवेली को हड़पना चाहते है। और ये पूरी कहानी इन्ही चीजों के आस पास घुमित रहती है। 

मिर्ज़ा और किरायदार 'बांके' की ये हवेली को लेकर लड़ाई किस मोड़ पर जायेगी, क्या मिर्ज़ा को ये हवेली मिल पाएगी या फिर हवेली पर अपनी दिन रात नजर गड़ाए रखने वाले  किरायदार और बिल्डर, पुरातत्वविद् विभाग हवेली को हड़प ले जाएंगे। इसके लिए आपको पूरी 2 घंटे की इस फिल्म को देखना पड़ेगा।

बात की जाए इस फिल्म के Positive Point की तो अमिताभ बच्चन ने इसमें काफी ज्यादा कमाल का अभिनय किया है जो आपका दिल को जीत लेता है। और इसका लोक संगीत सीधा आपके दिल में उतरता है। लखनऊ शहर को इसमें बखूबी से दिखाया गया है जो इसका पॉसिट्वे पॉइंट भी है।

Negative Point की बात करे तो मूवी आपको थोड़ी बोरिंग लग सकती है शुरुआत इसकी काफी ज्यादा धीमी है एक समय पर आके आप फिल्म को देखना छोड़ सकते है। आप उलझ जाएंगे की इसका नाम Gulabo Sitabo आखिर है क्यों। अगर आप मूवी को कॉमेडी के लिए देख रहे है तो बता दे की आपको ज्यादा कॉमेडी देखने को नहीं मिलने वाली है हां कुछ जगहों पर थोड़े बहुत अच्छे डायलॉग का इस्तेमाल जरूर किया गया है।

Filmy Shock Rating: 2.5/5 

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